दिल्ली-NCR में भूकंप के तेज झटके, रिक्टर स्केल पर 7.1 की तीव्रता, चीन-नेपाल सीमा पर था केंद्र

दिल्ली एनसीआर में भूकम्प के झटके बताए जा रहा है कि भूकम्प की तिव्रता रिक्त्र पेमने पर 7.1 बताई जा रही है | भूकम्प का केंद्र चीन – नेपाल सीमा के पास बताया जा रहा है भूकम्प के झटके से अंधेरा काई इलाको से लोग अपने घरो से बाहर आ गए। रिक्तर स्केल पैट तिवर्ता 4.5 मापी गई है।

दिल्ली एनसीआर में सोमवार 22-01-2024 को भूकम्प के झटके महसूस हुए। भूकम्प की तिव्रता 7.1 मपी गाई। भूकम्प के झटके बहुत देर तक मेहसुस किये। भूकम्प से लोग घर से बाहर भाग गये।

दिल्ली-NCR में भूकंप के तेज झटके, रिक्टर स्केल पर 7.1 की तीव्रता, चीन-नेपाल सीमा पर था केंद्र

 

भूकम्प क्यों आता है

भूकम्प एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो पृथ्वी के भीतर होती है और जिसका कारण धरती की तंत्रिका गतिविधियों में होता है। यह घटना तब होती है जब भूमि की तंत्रिका परतें एक दूसरे के साथ टकराती हैं और उनमें से कोई भी चोट खाती है। इस टकराव के कारण ऊर्जा मुक्त होती है जो भूकम्प के रूप में जानी जाती है।

भूकम्प के आने के पीछे के कुछ मुख्य कारण हैं:

टेक्टोनिक प्लेट मोवमेंट: धरती की तंत्रिका परतें हमेशा धीरे-धीरे चलती रहती हैं, लेकिन इनमें से कोई भी चोट खाती है, तो यह ऊर्जा को मुक्त करती है और भूकम्प होता है।

तेज गति के वायुमंडलीय वृत्ती: कई बार तेज गति से चलने वाली वायुमंडलीय वृत्तियां भूमि को आंदोलित कर सकती हैं और इससे भी भूकम्प हो सकता है।

इन प्रमुख कारणों के बावजूद, भूकम्प के आगंतुकों को सुरक्षित रहने के लिए सुरक्षा के उपायों को जानना महत्वपूर्ण है और समुद्री तटों और तंत्रिका क्षेत्रों में उच्च भूकम्प जोनों में सवधान रहना अच्छा होता है।